33000 शिक्षकों की भर्ती शुरू करे सरकार, नहीं तो रायपुर में होगा बड़ा प्रदर्शन: प्रशिक्षित डीएड-बीएड युवाओं की चेतावनी

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33000 शिक्षकों की भर्ती शुरू करे सरकार, नहीं तो रायपुर में होगा बड़ा प्रदर्शन: प्रशिक्षित डीएड-बीएड युवाओं की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे प्रशिक्षित डीएड एवं बीएड अभ्यर्थियों का आक्रोश अब फूटने लगा है। राजधानी रायपुर में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएड एवं बीएड संघ, व्यायाम शिक्षक संघ, लाइब्रेरियन संघ एवं एमए छत्तीसगढ़ी डिग्रीधारी युवाओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 33000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में रायपुर शहर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

“युक्तियुक्तकरण के नाम पर शिक्षक पदों को समाप्त कर रही सरकार”

प्रेस वार्ता में युवाओं ने कहा कि प्रदेश की 45000 से अधिक प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर स्वीकृत शिक्षक पदों को शिक्षा विभाग युक्तियुक्तकरण के बहाने घटा रहा है। इससे आने वाले समय में शिक्षक भर्ती की संभावना लगभग शून्य हो जाएगी।

युवाओं का आरोप है कि 2008 के सेटअप में बदलाव कर सरकार योजनाबद्ध तरीके से पदों को समाप्त कर रही है, जिससे भर्ती की संभावनाएं खत्म हो रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि रिक्त पद ही समाप्त कर दिए जाएंगे, तो फिर भर्ती किस पद पर होगी?

“चुनाव से पहले 57,000 पदों का वादा, अब वादा भूल गई सरकार”

प्रशिक्षित बेरोजगारों ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले भाजपा ने मोदी की गारंटी के तहत 57,000 शिक्षक समेत 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती का वादा किया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने यू-टर्न ले लिया।

उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 2024 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में 33,000 शिक्षकों की भर्ती एक वर्ष में पूर्ण करने की घोषणा की थी, लेकिन डेढ़ साल बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अब मुख्यमंत्री केवल 5000 पदों की भर्ती की घोषणा कर रहे हैं, जो कि ऊँट के मुँह में जीरा के समान है।

“सरकार की लापरवाही से लाखों बेरोजगार परेशान”

संघ प्रमुखों ने बताया कि लाखों की संख्या में प्रशिक्षित डीएड एवं बीएड युवा बीते दो वर्षों से भर्ती की आस में घर-परिवार से दूर रहकर तैयारी कर रहे हैं। लेकिन सरकार द्वारा कभी 33000, कभी 16000 और अब 5000 पदों की बात कर उन्हें केवल भ्रमित किया जा रहा है।

शादी, रोजगार और पारिवारिक जिम्मेदारियों का दबाव झेल रहे युवा अब निराश और हताश हैं। सरकार को अपने वचन पर शीघ्र अमल करना चाहिए।

7 दिन की मोहलत, नहीं तो रायपुर में आंदोलन

प्रशिक्षित युवाओं ने सरकार को 7 दिन की चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की है कि:

  • युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए।
  • सेटअप में परिवर्तन न किया जाए।
  • 33000 शिक्षक पदों की भर्ती प्रक्रिया अविलंब प्रारंभ की जाए।

यदि सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं लेती है, तो प्रदेशभर के युवा रायपुर में एक बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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